बिजनेस भास्कर नई दिल्ली
वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) ने कोऑपरेटिव सोसाइटियों को जिंस वायदा कारोबार करने की अनुमति दे दी है। इससे जहां जिंस वायदा कारोबार में किसानों की भागीदारी बढऩे की संभावना है वहीं जिंस वायदा के कारोबार में भी बढ़ोतरी होगी।
एफएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोऑपरेटिव सोसाइटियां किसानों से जुड़ी संस्थाएं है, इसीलिए आयोग ने कोऑपरेटिव सोसाइटियों को जिंस वायदा बाजार में भाग लेने और अधिकृत व्यक्ति के रूप में कार्य करने की अनुमति दी है।
इससे जिंस वायदा कारोबार में किसानों की भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही किसान इसके माध्यम से अपनी फसलों के उचित मूल्य पाने में भी सफल हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि जिंस वायदा में किसी भी जिंस में तीन-चार माह आगे के सौदे होते हैं। इससे किसानों को यह जानने में आसानी होगी कि तीन-चार माह बाद उन्हें जिंस का क्या मूल्य मिलने की उम्मीद है और इसका रुख किस ओर है।
उन्होंने बताया कि जिंस वायदा का कारोबार तो बढ़ रहा है तथा इसमें निवेशकों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है लेकिन किसानों की भागीदारी अभी भी ना के बराबर है।
जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान कोऑपरेटिव सोसाइटियों से जुड़े हुए हैं। कोऑपरेटिव सोसाइटियों के जिंस वायदा में कारोबार शुरू करने से बाजार की व्यापकता बढ़ जाएगी। वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के अनुसार चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी के दौरान जिंस वायदा के कारोबार में 61 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल कारोबार 151 लाख करोड़ रुपये का हुआ है