बिजनेस भास्करचालू वित्त वर्ष में कुल निर्यात 21 लाख टन से बढ़कर 25 लाख टन होने का अनुमान
निर्यात सौदे
750-800 डॉलर प्रति टन अंतरराष्ट्रीय भाव है पूसा बासमती-1121 का
1,100-1,150 डॉलर प्रति टन पर निर्यात हो रहा है पारंपरिक बासमती
तेजी की संभावना:- पूसा बासमती-1121 चावल का भाव घरेलू बाजार में 3,900 से 4,200 रुपये और सामान्य बासमती चावल के भाव 4,200 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा हैं। घरेलू बाजार में निर्यातकों की मांग बढऩे से इसके भाव में सुधार होने की संभावना है। नवंबर-दिसंबर में कम खरीद होने से प्लांट वालों के पास स्टॉक काफी कम है।
सरकार द्वारा बासमती चावल के न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) में 200 डॉलर प्रति टन की कटौती करने से निर्यात सौदों में तेजी आई है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में बासमती चावल का निर्यात बढ़कर 24 से 25 लाख टन होने की संभावना है जबकि वित्त वर्ष 2010-11 के दौरान 21 लाख टन चावल का निर्यात हुआ था।
कृषि और प्रसंस्कृत उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा बासमती चावल का एमईपी 900 डॉलर प्रति टन से कम करके 700 डॉलर प्रति टन कर देने से निर्यात सौदों में तेजी आई है। वर्तमान में सऊदी अरब, दुबई और यूरोपीय देशों की मांग बढ़ी है। हालांकि सबसे बड़े आयातक देश ईरान में निर्यातकों की भुगतान फंसने से दिक्कत आ रही है। इस समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो सका है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के पहले दस महीनों अप्रैल से जनवरी के दौरान करीब 20 लाख टन का निर्यात हो चुका है जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा है। फरवरी-मार्च के दौरान करीब चार से पांच लाख टन के और निर्यात सौदे होने की संभावना है। वित्त वर्ष 2010-11 में देश से 21 लाख टन बासमती चावल का निर्यात हुआ था।
श्रीलाल महल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रेम गर्ग ने बताया कि एमईपी में कमी करने से बासमती चावल का निर्यात निश्चित ही बढ़ेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पूसा बासमती-1121 सेला चावल का भाव 750-800 डॉलर प्रति टन है जबकि पारंपरिक बासमती सेला चावल का भाव 1,100 से 1,150 डॉलर प्रति टन है।
एमईपी में कमी करने से आयातकों की मांग पहले की तुलना में बढ़ी है। हालांकि घरेलू बाजार में बासमती चावल की उपलब्धता ज्यादा होने से घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में तेजी नहीं आई है। खरीफ में बासमती धान की पैदावार बढ़कर 50 से 60 लाख टन होने का अनुमान है। खुरानिया एग्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर रामविलास खुरानिया ने बताया कि नवंबर-दिसंबर में निर्यातकों की मांग कमजोर थी जिससे प्लांट वालों ने धान की खरीद सीमित मात्रा में की थी।
इसलिए प्लांट वालों के पास बासमती धान का स्टॉक कम है जबकि बासमती चावल में निर्यात मांग बढ़ गई है। इसलिए आगामी दिनों में घरेलू बाजार में बासमती धान और चावल की कीमतों में भी सुधार आने की संभावना है। पूसा बासमती-1121 चावल का भाव घरेलू बाजार में 3,900 से 4,200 रुपये और सामान्य बासमती चावल के भाव 4,200 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा हैं