मंगलवार, 28 फ़रवरी 2012

यूरिया मूल्यों को नियंत्रणमुक्त करने की जरूरत..रंगराजन



प्रधानमंत्रीकी आर्थिक सलाहकार परिषद ने डीजल मूल्यों को धीरे-धीरे बढ़ाने और इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार के स्तर पर रखने का सुझाव दिया है। परिषद ने उत्पाद एवं सेवा शुल्क दरों को वित्तीय संकट से पहले के स्तर पर लाने का भी सुझाव दिया है। परिषद के अध्यक्ष डा. सी. रंगराजन ने बुधवार को अर्थव्यवस्था की समीक्षा 2011-12 जारी करते हुए यूरिया मूल्यों को भी नियंत्रणमुक्त किए जाने पर जोर दिया। रंगराजन ने एक सवाल पर कहा कि अगले वित्त वर्ष में डीजल मूल्यों में चरणबद्ध ढंग से समायोजन किए जाने की आवश्यकता है। पिछले लंबे समय से इसमें कुछ नहीं हुआ है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम काफी बढ़ गए ऐसे में हमारे लिए इस क्षेत्र को एक सीमा से आगे सब्सिडी देते रहना संभव नहीं है। चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद [जीडीपी] के 4.6 प्रतिशत के बजट अनुमान से काफी ऊपर जाने की आशंका है। रंगराजन ने कहा कि सब्सिडी वितरण में सुधार लाने के साथ-साथ इस पर अंकुश लगाना चाहिए। रंगराजन ने कहा कि उत्पाद शुल्क और सेवाकर दरों को वित्तीय संकट से पूर्व की स्थिति में लाया जाना चाहिए। ऐसा होता है तो उत्पाद एवं सेवाकर की दरें मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत करनी होगी। इससे सरकार को 32,000 से 35,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। सरकार ने 2008-09 में वैश्विक वित्तीय संकट के समय अप्रत्यक्ष करों की दर कम कर दी थी, ताकि घरेलू उद्योग व्यापार को बाहर के संकट के प्रभावों से बचाया जा सके