जयपुर,: केन्द्रीय भूतल सड़क एवं परिवहन मंत्री डॉ.सी.पी.जोशी ने किसानों से कहा है कि कृषि के क्षेत्र में कम जोत एवं कम पानी से अधिक उत्पादन कैसे प्राप्त किया जाए इसके लिए शिक्षा के साथ नवीन कृषि तकनीक को अपनाना होगा और इन जानकारियों के लिए कृषि मेलों की अहम भूमिका है। डॉ.जोशी शनिवार को राजसमन्द जिले की खमनोर पंचायत समिति परिसर में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबन्ध अभिकरण (आत्मा) एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय किसान मेला एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम में जिले की सातो पंचायत समितियों से काश्तकारों को मुख्य अतिथि पद से सम्बोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कृषि क्षेत्र में भी काफी बदलाव आया है। पंजाब और जैसलमेर जैसे स्थानों पर कृषि की स्थिति अलग हो सकती है लेकिन कम जोत एवं कम पानी में अधिक उत्पादन लेना शिक्षा एवं कृषि की नवीन तकनीक से ही संभव है। उन्होंने कहा कि गांव के गरीब की माली हालत को बदलने के लिए वे अपने बालकों को पढाएं। जब तक शिक्षा एवं जानकारी नहीं होगी तब तक कृषि क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित रहता है।इस अवसर पर कृषि विभाग के अलावा महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय उदयपुर, फल फूल औषधि, पौली हाउस तकनीक, दुग्ध सरिता प्रोजेक्ट राजसमन्द डेयरी, श्रीनाथ मसूली फार्म काछबली भीम, पशुपालन, आईसीडीएस, समाज कल्याण, सहकारिता विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित विभिन्न 28 स्टाले स्थापित थी। जिसका मुख्य अतिथि डॉ.सी.पी.जोशी ने अवलोकन किया
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