विधान सभा के बजट सत्र के दूसरे दिन हंगामा
पाले व शीतलहर से फसलों के खराबे का आकलन करने के लिए राज्य सरकार ने 5 मार्च तक गिरदावरी पूरी कराने का भरोसा दिलाया है। वहीं पाले व शीतलहर से फसलों को नुकसान का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष ने विधान सभा के बजट सत्र के दूसरे दिन हंगामा और नारेबाजी की।
इसके चलते संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने विपक्षी सदस्यों को आश्वस्त किया कि प्रदेश में पाला व शीत लहर से रबी फसल को हुए नुकसान के संबंध में सरकार वक्तव्य देने को तैयार है।
उल्लेखनीय है कि रबी सीजन के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में पाले व शीतलहर से तीस फीसदी से ज्यादा फसल पर असर पडऩे की संभावना है। इस कारण सोमवार को राजस्थान किसान आयोग की पहली बैठक में भी सरकार को किसानों को मुआवजे की सिफारिश करने का फैसला किया गया था। किसान संगठन भी लगातार मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले आपदा राहत राज्यमंत्री बृजेंद्र ओला ने बताया कि राज्य सरकार पाला व शीतलहर को आपदा की सूची में शामिल कराने को प्रयत्नशील है। इसके लिए मुख्यमंत्री सहित अन्य स्तरों पर केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है। राष्ट्रपति की मौजूदगी में दिल्ली में हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में भी गहलोत ने यह मांग उठाई थी।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में मंत्रियों का समूह बनाया था। इस बारे में कृषि विशेषज्ञों के गठित कार्यकारी समूह ने अपनी रिपोर्ट मंत्रियों के समूह को सौंप दी है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्रीय मंत्रियों का समूह पाला व शीतलहर को आपदा की सूची में शामिल करने पर सकारात्मक निर्णय लेगी। राज्य सरकार प्रदेश में एक फरवरी से 5 मार्च तक गिरदावरी करा रही है