बिजनेस भास्कर नई दिल्ली
एनसीडीईएक्स में चना मार्च वायदा 2.1 फीसदी बढ़कर 3736 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। चने के दूसरे अनुबंधों में भी मजबूती का रुख दर्ज किया गया। कर्वी कॉमट्रेड की विश्लेषक विमला रेड्डी के अनुसार उत्पादक राज्यों में चने का पिछले सीजन का स्टॉक काफी कम बचने की संभावना है जबकि इस साल प्रतिकूल मौसम के चलते उत्पादन भी घटने के आसार हैं। मौसम खराब रहने की वजह से चने का बुवाई रकबा कम रहा है।
कपास
एनसीडीईएक्स में कपास वायदा नरम रहा। कपास फरवरी वायदा 2.5 फीसदी गिरकर 801.5 रुपये प्रति 20 किलो रह गया। मार्च वायदा तीन फीसदी गिरकर 845 रुपये प्रति 20 किलो रह गया। कपास की मांग उत्पादक मंडियों में कमजोर बनी हुई है। दूसरी ओर महाराष्ट्र और गुजरात की मंडियों में आवक का दबाव बढ़ रहा है। निर्यातकों की मांग इन दिनों कमजोर चल रही है। विश्लेषकों का अनुमान है कि निर्यात में सुधार मार्च अंत या अप्रैल में ही हो पाएगा। तब तक गिरावट का रुख जारी रह सकता है।
जीरा
एनसीडीईएक्स में जीरा मार्च वायदा 135 रुपये बढ़कर 14190 रुपये क्विंटल हो गया। दरअसल जीरा में पिछले दिनों गिरावट आई थी। इस साल जीरा की पैदावार बेहतर रहने की संभावना से गिरावट का रुख दिखाई दिया था। विश्लेषकों के अनुसार निचले भाव पर निवेशकों की खरीद निकलने से शुक्रवार को जीरा वायदा में सुधार का रुख दिखाई दिया।
मैंथा
एमसीएक्स में मैंथा वायदा में जोरदार तेजी दर्ज की गई। मैंथा मार्च वायदा में चार फीसदी की तेजी आने से अपर सर्किट लग गया। मार्च वायदा शुक्रवार को चार फीसदी बढ़कर 1776 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया। विश्लेषक के अनुसार इस समय उत्तर प्रदेश के उत्पादक इलाकों में मैंथा की बुवाई की शुरूआत धीमी रही है। जबकि निर्यात के लिए मैंथा की मांग जोरदार निकल रही है